बुखार, सर्दी-खांसी आने पर इन आयुर्वेदिक नुस्खों को अपनाएं और जल्द राहत पाएं

By Pradesh Times Friday, January 13 17 12:00:00

बुखार, सर्दी-खांसी आने पर इन आयुर्वेदिक नुस्खों को अपनाएं और जल्द राहत पाएं

पुणे.वनडे और T20 की कैप्टेंसी छोड़ने के बाद महेंद्र सिंह धोनी शुक्रवार को पहली बार मीडिया के सामने आए। पुणे के एमसीए स्टेडियम में उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के वक्त से ही मुझे लगता है कि भारत में स्प्लिट कैप्टेंसी यानी तीनों फॉर्मेट में अलग-अलग कप्तानी काम नहीं करती। उन्होंने कहा, "मैं सही वक्त का इंतजार कर रहा था। मैं चाहता था कि विराट टेस्ट फॉर्मेट की कप्तानी में आसानी से ढल जाएं। विराट हमेशा से तैयार थे और मुझे लगा कि ये सही वक्त है उन्हें यह जॉब सौंपने का।" पढ़ें, धोनी की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 7 बड़ी बातें...

Ayurvedic Treatment in Hindi: अमूमन बुखार आने पर हम सभी डॉक्टर के पास जाते हैं लेकिन घर में कुछ 

आयुर्वेदित तकनीकों का इस्तेमाल करके आप इससे निजात पा सकते हैं। इन तरीकों का जिक्र पुराने समय से चला आ रहा है। 

आयुर्वेद में बुखार और जुखाम को प्रतिश्य का नाम दिया गया है। आपके घर में मौजूद कई चीजें ऐसी स्थिति में आपकी सहायता कर 

सकती हैं। इससे ना केवल डॉक्टर को दी जाने वाली फीस बच जाएगी बल्कि आप प्राकृतिक तौर पर स्वस्थ भी हो जाएंगे। आज हम 

आपको बताते हैं ऐसे ही कुछ उपचार के बारे में।
कैसिया (चाइनीज दालचीनी)- कैसिया की जड़े बुखार और जुखीम को ठीक करने में काफी लाभदायक होती हैं। आमतौर पर इसकी 

जड़ों को जलाकर इसे धुएं को बेहतर इलाज के लिए सूंघा जाता है। इसकी मदद से शरीर में जमा बलगम बाहर आ जाता है और बुखार 

भी ठीक हो जाता है।
दालचीनी- आयुर्वेद में हमेशा से दालचीनी को बुखार के उपचार के लिए बेहतर माना जाता है। एक गिलास पानी में दालचीनी, एक 

चुटकी काली मिर्च और शहद मिलाकर उबाल लें। इस मिश्रण को पीने से गले से जुड़ी सभी परेशानियों के साथ ही आपका जुखाम 

निमोनिया या इनफ्यूएंजा जैसी बीमारी का रूप लेने से बच जाएगा।
जीरा- आयुर्वेदिक जगत में जब भी बुखार का जिक्र होता है उसमें जीरा का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। कई दिनों से जारी बुखार 

के साथ अगर आपको जुखाम है तो यह आपके लिए बेहतरीन दवा का काम करेगा।

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