कांची पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती का अंतिम संस्कार आज, 24 घंटे में 1 लाख लोगों ने किए दर्शन

By Pradesh Times Thursday, March 01 18 12:00:00

कांची पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती का अंतिम संस्कार आज, 24 घंटे में 1 लाख लोगों ने किए दर्शन

चेन्नई  तमिलनाडु में कांची कामकोटि पीठ के प्रमुख और 69वें शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती का अंतिम संस्कार आज होगा। बुधवार को निधन के बाद उनकी पार्थिव देह मठ में रखी गई, इसके बाद 1 लाख से ज्यादा लोगों ने शंकराचार्य के दर्शन किए। जयेंद्र 65 साल तक कांची पीठ के प्रमुख रहे। जयेंद्र सरस्वती (83) को सीने में दर्द के बाद कांचीपुरम के प्राइवेट हॉस्पिटल भर्ती कराया गया था। जहां उन्होंने आखिरी सांस ली। अब उनकी जगह शंकर विजयेंद्र सरस्वती पद संभालेंगे।

वैदिक विधि से होगा अंतिम संस्कार

- मठ के मैनेजर संदरेशन ने बताया कि वैदिक विधि से आचार्य के वृंदावन प्रवेश (अंतिम संस्कार) की तैयारियां कर ली गई हैं। यह प्रक्रिया सुबह 8 बजे शुरू होगी और दोपहर तक चल सकती है। शंकराचार्य को सजाया गया है, 24 घंटे में 1 लाख से ज्यादा लोगों ने उनके दर्शन किए।

चारों वेदों के ज्ञाता थे शंकराचार्य

- जयेंद्र सरस्वती का जन्म 18 जुलाई 1935 को तमिलनाडु में हुआ था। वह कांची मठ के 69वें शंकराचार्य थे। जयेंद्र 1954 में शंकराचार्य बने थे। इससे पहले उनका नाम सुब्रमण्यन महादेव अय्यर था। उन्हें सरस्वती स्वामिगल का उत्तराधिकारी घोषित किया गया था। तब उनकी उम्र महज 19 साल थी।

- जयेंद्र 65 साल तक शंकराचार्य रहे। 2003 में उन्होंने बतौर शंकराचार्य 50 साल पूरे किए थे। 1983 में जयेंद्र सरस्वती ने शंकर विजयेन्द्र सरस्वती को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। 
- कांची मठ की स्थापना खुद आदि शंकराचार्य ने की थी। जो कांचीपुरम में स्थापित सबसे बड़ा हिंदू मठ है। यह 5 पंचभूतस्थलों में से एक है। यहां के मठाधीश्वर को शंकराचार्य कहते हैं।

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