हिमाचल से पकड़ा गया सहारनपुर हिंसा का आरोपी चंद्रशेखर

By Pradesh Times Thursday, June 08 17 12:00:00

हिमाचल से पकड़ा गया सहारनपुर हिंसा का आरोपी चंद्रशेखर

 

डलहौजी/सहारनपुरसहारनपुर में पिछले दिनों भड़की जातीय हिंसा में आरोपी भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण को उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यूपी पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने चंद्रशेखर को हिमाचल प्रदेश के डलहौजी से अरेस्ट किया है। जानकारी के मुताबिक यूपी पुलिस को सूचना मिली थी कि चंद्रशेखर हिमाचल प्रदेश के डलहौजी में छिपा हुआ हुआ है। इसके बाद टास्क फोर्स ने बेहद गोपनीय ऑपरेशन के साथ चंद्रशेखर को धर दबोचा। 

 

सूत्रों के मुताबिक, इस गिरफ्तारी की भनक हिमाचल प्रदेश पुलिस तक को नहीं लग पाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूपी पुलिस चंद्रशेखर को साथ लेकर सहारनपुर के लिए निकल चुकी है। उनसे सहारनपुर में हुई हिंसा को लेकर पूछताछ की जाएगी।

उत्तर प्रदेश को जातीय युद्ध मे धकेलने वाले सभी लोगो पर बिना किसी भेदभाव के सख्त से सख्त कार्यवाही होनी चाहिये. इनके जैसे लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिये मासूमों को जाति के नाम पर मरवा देते हैं.

बता दें कि चंद्रशेखर ने पिछले दिनों सहारनपुर में कथित तौर पर ऊंची जाति के लोगों के अत्याचार के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन बुलाया था, जबकि वह खुद जिले में जाति आधारित हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तारी से बचने के लिए अंडरग्राउंड था। 

सहारनपुर हिंसा की शुरुआत जिस सड़क दूधली से हुई थी, गिरफ्तारी का सिलसिला भी वहीं से शुरू किया गया था। माना जा रहा था कि बीजेपी से जुड़े नामजदों की गिरफ्तारी करने के बाद पुलिस भीम आर्मी और दूसरे लोगों की गिरफ्तारी करेगी। इस बीच हिरासत में लिए गए चंद्रशेखर के भाई कमल किशोर को पुलिस ने छोड़ दिया था। 

दरअसल, 20 अप्रैल से सड़क दूधली में बाबा साहब आंबेड़कर की जयंती के उपलक्ष्य में शोभायात्रा निकालने को लेकर मुस्लिम और दलित आपस में भिड़ गए थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों में पथराव हुआ था। बाद में नाराज बीजेपी कार्यकर्ताओं ने एसएसपी आवास पर कब्जा कर तोड़फोड़ और हंगामा किया था। 

इस बीच सहारनपुर को दंगे की आग में झोंकने के लिए हथियार जुटाने और खूनखराबा जारी रखने की बात करने वाले कुछ ऑडियो वायरल हो रहे थे। पुलिस के पास भी एक के बाद एक 5 ऑडियो टेप पहुंचे, जिनमें भीम आर्मी से जुड़े लोगों की आवाज होने के संकेत हैं। हालांकि हम इनके सच्चे होने की पुष्टि नहीं करते। 

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